Essay On Winter Season In Hindi Language

My Favourite Season Essay in hindi मेरा प्रिय मौसम वर्षा ऋतु है. क्यूकि वर्षा ऋतु में जब पहली बार बारिश की बूंदे धरती पर पड़ती है तब उसकी सोंदी -सोंदी खुशबू मन में आनंद का भाव उत्पन्न कर देती है. वर्षा ऋतु के आने से चारों ओर हरियाली छा जाती है. यह हमारे मन को आनंद से भर देता है, इसलिए मुझे यह मौसम पसंद है.

मेरा प्रिय मौसम पर निबंध

My Favourite Season Essay in hindi

मौसम साल के भाग होते है, जिनका उल्लेख दिन के प्रकाश, पर्यावरण और मौसम में बदलाव से होता है. पृथ्वी सूर्य के चारों ओर एक ही कोण में चक्कर लगाती है, जिससे हमें अलग – अलग मौसमों का अहसास होता है. मौसम का अनुमान पृथ्वी के तापमान पर निर्भर करता है. पृथ्वी की सतह पर सूर्य की किरणों की प्रबलता में आये बदलाव से, मौसम का अनुमान लगाया जाता है.

पृथ्वी के दो गोलार्ध होते है उत्तरीय गोलार्ध और दक्षिणीय गोलार्ध. जब पृथ्वी का उत्तरीय गोलार्ध सूर्य के तुरंत सम्पर्क में आता है, तब यहाँ का तापमान ज्यादा हो जाता है, जिस वजह से यहाँ गर्मी का मौसम होता है. उसी समय दक्षिणीय गोलार्ध का सूर्य से सम्पर्क कम होता है जिस वजह से वहां का तापमान कम हो जाता है और यहाँ ठण्ड का मौसम रहता है. इसी प्रकार छह महीने बाद इसका उल्टा होता है, जब पृथ्वी का दक्षिणीय गोलार्ध सूर्य से तुरंत सम्पर्क में आता है, तब यहाँ गर्मी का मौसम होता है और उत्तरीय गोलार्ध में सूर्य का सम्पर्क कम होने की वजह से वहां ठण्ड का मौसम रहता है.

आमतौर पर मौसम मुख्य चार प्रकार के होते है बसंत, गर्मी, वर्षा और सर्दी. इन सभी का अनुमान सूर्य के चारों ओर पृथ्वी की परिक्रमा लगाने से होता है, क्यूकि पृथ्वी की परिक्रमा एक साल में पूरी होती है और मौसम साल के ही भाग होते है. किन्तु पृथ्वी के अलग –अलग भागों में मौसम के अलग –अलग प्रकार बताये गए है, जैसे दक्षिण एशिया के देश भारत, बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका के कैलेंडर के हिसाब से यहाँ छह प्रकार के मौसम होते है और इन्हें यहाँ ऋतुयें कहा जाता है.

  • बसंत ऋतु (Spring Season)
  • ग्रीष्म ऋतु (Summer Season)
  • वर्षा ऋतु (Rainy Season)
  • शरद ऋतु (Autumn Season)
  • हेमंत ऋतु (Hemant Season)
  • शीत ऋतु (Winter Season)

भारत देश में इन ऋतुओं के अनुसार अलग – अलग त्यौहार मनाये जाते है. नीचे दी हुई सूची में इन ऋतुओं के तापमान तथा इन ऋतुओं में मनाये जाने वाले त्यौहार दर्शाएँ गए है –

क्र.म.ऋतुएँहिंदी माहग्रेगोरियन माह   तापमान मौसमों के त्यौहार
1.बसंतचैत्र और वैशाखमार्च से मई20-30 डिग्री सेल्सियसबसंत पंचमी, उगादी, गुढीपाडवा, होली, राम नवमी, विशू/ रंगोली बिहू/ वैशाखी/ तमिल पुथांडू/ हनुमान जयंती आदि
2.ग्रीष्मज्येष्ठ और आषाढमई से जुलाईबहुत गर्म, 40- 50 डिग्री सेल्सियसवट पूर्णिमा, रथ यात्रा और गुरु पूर्णिमा
3.वर्षासावन और भाद्रपदजुलाई से अगस्तगर्म, उमस और बहुत ज्यादा वर्षारक्षा बंधन, कृष्ण जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, नौखई, ओणम, गुरुजोणार तिथि
4.शरदआश्विन और कार्तिकसितम्बर से नवंबर19-22 डिग्री सेल्सियसनवरात्रि, विजयादशमी, शरद पूर्णिमा और बिहू
5.हेमंतआग्हन और पौषनवंबर से जनवरी20- 25 डिग्री सेल्सियसबिहू, दीपावली और कार्तिक पूर्णिमा
6.शिशिरमाघ और फागुनजनवरी से मार्च10 डिग्री से काम हो सकता है.शिवरात्रि, शिग्मो, पोंगल और संक्रांति

नीचे इन ऋतुओं और उसमें होने वाले त्योहारों के बारे में बताया गया है, जोकि हिन्दूओं के धार्मिक त्यौहार कहलाते है.

मेरा प्रिय मौसम वर्षा ऋतु ( My Favorite Season Rainy Season)

हिन्दू कैलेंडर के हिसाब से मानसून का मौसम वर्षा ऋतु कहलाता है. भारत में इस समय बारिश होती है. यह हिन्दू माह सावन और भाद्रपद में आता है. हिन्दू इस समय रक्षा बंधन, कृष्ण जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, नौखई, ओणम, गुरुजोणार तिथि नामक त्यौहार मनाते है. वर्षा ऋतु समर सोलस्टिस में शुरू होती है. कृष्ण जन्माष्टमी पूजा विधि, व्रत भोगके बारे में यहाँ पढ़ें.

यह हर साल ग्रीष्म ऋतु के बाद आती है, विशेष रूप से वर्षा ऋतु का आगमन जुलाई महीने में होता है और यह सितम्बर तक चलता है. ग्रीष्म ऋतु में जल के साधन जैसे समुद्र, नदियाँ आदि से जल भाप के रूप में आसमान में जाता है, वहां जा कर यह जल इक्कठा हो जाता है और यही बादल बनते है. इसलिए जब मानसून आता है, तब आसमान में बादल छा जाते है. जब बहुत सारे बादल एक दूसरे के साथ घर्षण में होते है, तब तूफ़ान आता है और बादल का गरजना, बिजली का चमकना शुरू हो जाता है फिर बारिश होने लगती है.

वर्षा ऋतु के आने से चारों ओर हरियाली छा जाती है. बाग़- बगीचों में रौनक आ जाती है. धरती की प्यास बुझती है. सागर, नदियों और तालाबों का जलस्तर बढ़ जाता है. वन में मोरों का पसंदीदा नाच प्रारम्भ हो जाता है. किसानों और वनस्पतियों के लिए यह मौसम वरदान सिद्ध होता है. क्यूकि किसानों को इस समय खेती में लाभ मिलता है. हरी- भरी धरती और बादलों के आसमान में छा जाने का द्रश्य देखते ही बनता है. वर्षा का मौसम गर्मी से झुलसते जीवों को शांति एवं राहत पहुँचता है, और लोगों का मन आनंदित कर देता है. मुझे यह सब बहुत पसंद है इसलिए यह मेरा प्रिय मौसम है.

वर्षा ऋतु में बारिश होने की वजह से लोग ज्यादातर घर में ही रहते है. इस समय मौसम हल्का ठंडा रहता है, जिस वजह से लोग गरम चीजें खाते है. भारत में हिन्दू इस समय राखी का त्यौहार मनाते है जिसमें बहनें अपने भाई को राखी बांधती है. रक्षाबंधन कविता, निबंधयहाँ पढ़ें. कृष्ण जन्माष्टमी में लोग कृष्ण भगवान की पूजा करते है, और गणेश चतुर्थी में लोग गणेश भगवान की पूजा करते है.

वर्षा ऋतु के लाभ (Advantages of Rainy Season) –

  • वर्षा ऋतू से लाभ ये है कि गर्मी की तेज धूप से राहत मिलती है,
  • वातावरण से गर्म हवा चली जाती है, जिससे लोग राहत महसूस करते है.
  • पेड़ पौधों, घास, और सब्जियों को बढ़ने में मदद मिलती है. चोरों ओर हरियाली छा जाती है.
  • इस मौसम में जानवरों को भी राहत मिलती है, क्यूकि वे हरी घास और पौधों आदि का सेवन कर सकते है, जिससे वे हमें ज्यादा शुद्ध दूध भी देते है.
  • वर्षा अच्छी होने से, उत्पादन अच्छा होता है, जिससे देश में महंगाई कम होती है. किसानों का फायदा मिलता है.

वर्षा ऋतु से हानि (Disadvantages of Rainy Season) –

वर्षा ऋतु में लाभ के साथ – साथ कुछ हानियाँ भी है. वर्षा ऋतु में जब बारिश होती है, तब बारिश का पानी सड़क और बगीचों में भर जाता है, जिससे बहुत मिट्टी और कीचड़ हो जाता है. जिससे बहुत सारी परेशानियां होती है. सड़क और बगीचों में सूर्य की किरणों के न पड़ने की वजह से यहाँ की मिट्टी सूख नही पाती, जिसके कारण कीटाणु पनपने लगते है और यही बिमारियां फैलाते है.

इसके अलावा बाकि ऋतुओं के बारे में भी मैं आपको विस्तार से जानकारी देती हूँ.

हिंदी कैलेंडर के अनुसार बसंत का मौसम बसंत ऋतु कहलाता है. बसंत पंचमी निबंध, कविता यहाँ पढ़ें. भारत में इस समय न तो ज्यादा गर्मी होती है और न ही ज्यादा ठण्ड होती है. यह हिन्दू माह चैत्र और वैशाख में आता है. इस समय यहाँ बहुत से त्यौहार मनाये जाते है, जैसे नया साल, बसंत पंचमी, उगादी, गुढीपाडवा, होली, राम नवमी, विशू/ रंगोली बिहू/ वैशाखी/ तमिल पुथांडू/ हनुमान जयंती आदि. बसंत ऋतु का मध्यबिंदु बसंत संपात में होता है. संपात साल में दो होते है तब, जब दिन और रात बराबर घंटों की होती है. बसंत संपात मार्च की 20 या 21 तारीख को आता है, जब बसंत और मानसून में पृथ्वी की धुरी सूर्य के न ज्यादा पास होती है और न ही ज्यादा दूर होती है. बसंत संपात को विषुव भी कहा जाता है. शरदकालीन संपात सितंबर की 22 या 23 तारीख को आता है.

भारत में बसंत ऋतु में चैत्र माह के पहले दिन नया साल और पांचवे दिन बसंत पंचमी का त्यौहार मनाया जाता है. इस दिन सभी पीले रंग के कपड़े पहनते है, हल्दी से तिलक करते है, सूर्य, धरती और माँ गंगा की पूजा करते है.

  • ग्रीष्म ऋतु (Summer Season)

हिंदी कैलेंडर के अनुसार गर्मी का मौसम ग्रीष्म ऋतु कहलाता है. भारत में इस समय गर्मी ज्यादा होती है. यह दो हिन्दू माह ज्येष्ठ और आषाढ में आता है. इस समय यहाँ रथ यात्रा और गुरु पूर्णिमा का त्यौहार मनाया जाता है. गुरु पूर्णिमा का महत्व यहाँ पढ़ें. ग्रीष्म ऋतु समर सोलस्टिस के साथ खत्म होती है. सोलस्टिस साल में दो होते है, एक गर्मी में और एक सर्दी में तब, जब सूर्य आसमान के सबसे ऊपर होता है. जून माह में समर सोलस्टिस उत्तरीय गोलार्ध में और विंटर सोलस्टिस दक्षिणीय गोलार्ध में होते है. समर सोलस्टिस जून की 20 या 21 तारीख को आता है, यह साल का सबसे बड़ा दिन होता है. इस समय उत्तरीय गोलार्ध, सूर्य के सम्पर्क में होता है और दक्षिणीय गोलार्ध की सूर्य से दूरी ज्यादा होती है. इसलिए यहाँ इस समय गर्मी का मौसम रहता है.

ग्रीष्म ऋतु में ज्यादा गर्मी पड़ने की वजह से लोग ठंडी चीजों का सेवन करते है. इस मौसम में कई प्रकार के फल भी खाए जाते है जैसे तरबूज, अंगूर, चीकू, लीची, जामुन आदि.

  • शरद ऋतु (Autumn Season) –

हिंदी कैलेंडर के अनुसार शरद रितु आश्विन और कार्तिक में आता है. इस समय हिन्दू नवरात्रि, विजयादशमी, शरद पूर्णिमा और बिहू नामक त्यौहार मनाते है. दशहरा विजयादशमी का महत्व निबंधयहाँ पढ़ें. शरद ऋतु का मध्यबिंदु शरदकालीन संपात में होता है, जब दिन और रात बराबर घंटों की होती है. यह सितम्बर की 22 या 23 तारीख को होता है. इस लिए शरद ऋतु शरदकालीन संपात में आती है. इस मौसम को पतझड़ का मौसम भी कहा जाता है क्यूकि इस समय पेड़ों से पत्ते झड़ते है. वर्षा ऋतु में पेड़ों में नये पत्ते आते है और जब शरद ऋतु का आगमन होता है तो ये सूखने लगते है. शरद ऋतु के आते ही ये झड़ने लगते है जिस वजह से इसे पतझड़ का मौसम कहा जाता है.

भारत में शरद ऋतु में नवरात्रि का त्यौहार बहुत ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है.  इस समय हिन्दू माँ दुर्गा की पूजा करते है और 9 दिनों का उपवास भी करते है. दशहरा में हिन्दू रावण दहन करते है, और शरद पूर्णिमा में भगवान को रबड़ी नामक व्यंजन चढ़ाया जाता है. इस तरह शरद ऋतु में लोग इन त्योहारों को ख़ुशी और आनंद के साथ मनाते है. शरद पूर्णिमा निबंध, कविता यहाँ पढ़ें.

  • हेमंत ऋतु (Hemant Ritu) –     

हिंदी कैलेंडर के अनुसार ठण्ड के पहले का मौसम हेमंत ऋतु कहलाता है. इस समय तापमान ज्यादा गरम भी नही रहता है और न ही ज्यादा ठंडा रहता है. यह दो हिन्दू माह आग्हन और पौष में आता है. इस समय हिन्दू बिहू, दीपावली और कार्तिक पूर्णिमा का त्यौहार मनाते है. भारत देश में दीपावली का त्यौहार बड़ा त्यौहार माना जाता है, इस समय लोग लक्ष्मी जी की पूजा करते है. दिवाली पूजा विधि, निबंध यहाँ पढ़ें.

हेमंत ऋतु विंटर सोलस्टिस में खत्म होती है. दिसम्बर माह में विंटर सोलस्टिस उत्तरीय गोलार्ध में और समर सोलस्टिस दक्षिणीय गोलार्ध में होते है. विंटर सोलस्टिस दिसम्बर की 21 या 22 तारीख को आता है, यह साल का सबसे छोटा दिन होता है. इस समय दक्षिणीय गोलार्ध सूर्य के तुरंत सम्पर्क में आने लगता है और उत्तरीय गोलार्ध की सूर्य से दूरी बढ़ने लगती है जिस वजह से यहाँ उस समय हल्का गर्म और हल्का ठंडा मौसम रहता है.

  • शिशिर मौसम (Winter Season) –

हिंदी कैलेंडर के अनुसार ठण्ड का मौसम शिशिर ऋतु कहलाता है. इस समय भारत में ठंडक रहती है. यह हिन्दू माह माघ और फागुन में आता है. इस समय तापमान बहुत कम रहता है जिससे ठण्ड ज्यादा महसूस होती है. इस समय हिन्दू शिवरात्रि, शिग्मो, पोंगल और संक्रांति का त्यौहार मनाते है. शिशिर ऋतु विंटर सोलस्टिस में शुरू होती है. इस समय पृथ्वी के उत्तरीय गोलार्ध की सूर्य से दूरी बढ़ जाती है और दक्षिणीय गोलार्ध सूर्य के सम्पर्क में आ जाता है. इसलिए यहाँ इस समय ठण्ड रहती है. 

शिशिर ऋतु में लोग ठण्ड की वजह से गरम कपड़े पहनते है. यह बहुत लोगों का पसंदीदा मौसम होता है क्यूकि इस समय में गर्मी नही लगती. इस मौसम में लोग धूप में रहना पसंद करते है और गर्म चीजों का सेवन करते है. इस मौसम में लोग संतरे, कीवी, सीताफल आदि फल खाते है. किवी फल के फायदे पढने के लिए यहाँ क्लिक करें.

भारत देश में इस समय संक्रांति का त्यौहार मनाया जाता है, इसमें लोग तिल से बनी चीजों का सेवन करते है. उसके बाद शिवरात्रि का त्यौहार मनाया जाता है इसमें लोग भगवान् शिव की पूजा करते है. इस तरह भारत में इन ऋतुओं को त्योहारों की तरह मनाया जाता है. मुझे ये सभी ऋतुएँ पसंद है किन्तु मुझे वर्षा ऋतु सबसे ज्यादा प्रिय है.

वर्षा ऋतु में हरियाली छा जाती है, फूल खिलने लगते है, आसमान में इन्द्रधनुष दिखाई देने लगते है. पक्षी भी खुशी से चहचहाने लगते है और नाचने लगते है. इन सभी चीजों से मन को बहुत आनंद महसूस होता है इसलिए मुझे यह त्यौहार प्रिय है.

हम यहाँ विद्यार्थियों की मदद करने के लिए शरद ऋतु पर निबंध उपलब्ध करा रहे हैं। आजकल, निबंध लेखन प्रतियोगिता स्कूलों और कॉलेजों में विद्यार्थियों के ज्ञान को बढ़ाने के लिए प्रयोग की जाने वाली सामान्य रणनीति बन गई है। स्कूलों में शिक्षक विद्यार्थी के ज्ञान के स्तर को जानने के लिए उन्हें किसी भी विषय पर निबंध या पैराग्राफ लिखने के लिए दे देते हैं। यहाँ शरद ऋतु पर उपलब्ध सभी निबंध सरल शब्दों का प्रयोग करके विभिन्न शब्द सीमाओं में विद्यार्थियों की कक्षा के अनुसार लिखे गए हैं। प्रिय, विद्यार्थियों आप यहाँ दिए गए किसी भी शरद ऋतु पर निबंध को अपनी जरुरत और आश्यकता के अनुसार चुन सकते हो।

शरद ऋतु पर निबंध (विंटर सीजन एस्से)

You can get below some essays on Winter Season in Hindi language for students in 100, 150, 200, 250, 300, and 400 words.

सर्दी के मौसम पर निबंध या शरद ऋतु पर निबंध 1 (100 शब्द)

शरद ऋतु साल का सबसे ठंडा मौसम होता है, जो दिसम्बर महीने में शुरु होता है और मार्च के महीने में समाप्त होता है। दिसम्बर और जनवरी के महीने में सर्दी अपनी चरम सीमा पर होती है और इन्हें सबसे ठंडे महीने के रुप में गिना जाता है, जब तापमान देश के उत्तरी क्षेत्रों में लगभग 100 से 150 सेल्सियस (अर्थात् 50 से 590 फोरेनाइट) होता है हालांकि, दक्षिणी क्षेत्रों (देश की मुख्य भूमि) में यह 20 से 250 सेल्सियस (अर्थात् 68 से 770 फोरेनाइट) रहता है। शरद ऋतु की चरम सीमा पर उत्तरी क्षेत्रों में तेज गति से सर्द हवाएं चलती है। हमें धुंध का सामना करना पड़ता है, जो प्रायः सूर्य के प्रकाश को छुपा लेता है, जो पूरे सर्दी के मौसम में ठंड का सामना कराता है।

सर्दी के मौसम पर निबंध या शरद ऋतु पर निबंध 2 (150 शब्द)

शरद ऋतु भारत में चारों ऋतुओं में सबसे ठंडी ऋतु होती है। यह दिसम्बर के महीने में पड़ती है और मार्च में होली के दौरान खत्म होती है। दिसम्बर और जनवरी को शरद ऋतु के सबसे ठंडे महीने माना जाता है। यह पतझड़ के मौसम के बाद आती है और वसंत ऋतु (बाद में ग्रीष्म ऋतु) से पहले समाप्त हो जाती है। हम आमतौर पर, इसे दिवाली के त्योहार (शरद ऋतु की शुरुआत) से होली के त्योहार (शरद ऋतु की समाप्ति) तक वातावरण के तापमान में निरंतर कमी के द्वारा महसूस करते हैं।

हमें शरद ऋतु की चरम सीमा के महीने में उच्च स्तरीय ठंड और तेज सर्द हवाओं का सामना करना पड़ता है। हम वातावरण में दिन और रात के दौरान बड़े स्तर पर तापमान में परिवर्तन देखते हैं, रातें लम्बी होती है और दिन छोटे होते हैं। आसमान साफ दिखता है हालांकि, कभी-कभी सर्दी के चरमोत्कर्ष पर पूरे दिनभर धुंध या कोहरे के कारण अस्पष्ट रहता है। कभी-कभी शरद ऋतु में बारिश भी होती है और स्थिति को और भी अधिक बुरा बना देती है।

शरद ऋतु पर निबंध या सर्दी के मौसम पर निबंध 3 (200 शब्द)

सर्दी का मौसम साल का सबसे ठंडा चरण होता है, जो दिसम्बर में शुरु होता है और मार्च में खत्म होता है। शरद ऋतु के दौरान सभी जगहों पर बहुत अधिक ठंड लगती है। शरद ऋतु के चरम सीमा के महीनों में वातावरण का तापमान बहुत कम हो जाता है। पहाड़ी क्षेत्र (घरों, पेड़ों, और घासों सहित) बर्फ की सफेद मोटी चादर से ढक जाते हैं और बहुत ही सुन्दर लगते हैं। इस मौसम में, पहाड़ी क्षेत्र बहुत ही सुन्दर दृश्य की तरह लगते हैं। सर्दियों में कड़ाके की ठंड और मौसम की स्थिति के कारण, लोगों को घर से बाहर जाने के दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

देश के कुछ स्थानों पर, जलवायु सामान्य तापमान (न तो बहुत अधिक सर्दी और न ही बहुत अधिक गर्मी) के साथ मध्यम रहती है और बहुत ही सुखद अहसास देती है। सभी पूरे सर्दी के मौसम के दौरान शरीर को गर्म रखने के लिए मोटे ऊनी कपड़े पहनने के साथ ही बहुत ही कम तापमान से सुरक्षित महसूस करते हैं। हम थोड़ी सी गर्मी पाने और आरामदायक महसूस करने के लिए सुबह और शाम को गर्म कॉफी, चाय, सूप आदि का सेवन करते हैं। लोग आमतौर पर, रविवार को दोपहर के समय सूर्य से प्राकृतिक रुप से गर्मी लेने के लिए पिकनिक पर जाते हैं और अपने परिवार व मित्रों के साथ मनोरंजन करते हैं। हम रात को स्वंय को गर्म रखने और सर्दी से बचाने के लिए अपने बिस्तर पर जल्दी जाते हैं।


 

शरद ऋतु पर निबंध या सर्दी के मौसम पर निबंध 4 (250 शब्द)

परिचय

भारत में शरद ऋतु बहुत ही अधिक ठंडी ऋतु होती है। यह पतझड़ के बाद शुरु होती है और वसंत ऋतु के आगमन पर समाप्त होती है। हम वातावरण में शरद ऋतु के दौरान अन्य मौसमों की तुलना में बड़े स्तर पर परिवर्तन देखते हैं। वातावरण का तापमान बहुत कम हो जाता है, तेज गति में हवाएं चलने लगती है, दिन छोटे हो जाते हैं और रातें लम्बी हो जाती है आदि। कभी-कभी तो हम घने बादलों, कोहरे और धुंध के कारण सूरज को भी नहीं देख पाते हैं हालांकि, अन्य सर्दियों के दिनों में आसमान बहुत ही साफ और नीला दिखाई देता है। पूरे सर्दी के मौसम के दौरान गीले कपड़ों के सूखने में बहुत अधिक परेशानी आती है। यह स्वास्थ्यवर्धक और पसंदीदा फलों संतरा, अमरुद, चीकू, पपीता, आंवला, गाजर, अंगूर आदि का मौसम है।

शरद ऋतु क्यों आती है

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि, पृथ्वी अपनी धुरी पर सूर्य के चारो ओर चक्कर लगाती है। पृथ्वी का अपने अक्ष पर घूमना ही पूरे साल भर में मौसम और ऋतुओं के बदलने में मुख्य भूमिका निभाता है। जब पृथ्वी उत्तरी गोलार्द्ध (अर्थात् सूर्य से दूरी) पर चक्कर लगाती है, तो सर्दी होती है। ऋतुएं जब बदलती है, तब पृथ्वी सूर्य के चारो ओर घूमती है। पृथ्वी अपने अक्ष पर 23.5 डिग्री क्रान्तिवृत (सूर्य की ओर) झुकी हुई है।

सर्दियों के दौरान प्राकृतिक दृश्य

सर्दियों के मौसम के दौरान पहाड़ी क्षेत्र बहुत ही सुन्दर दिखने लगते हैं, क्योंकि सबकुछ बर्फ की चादर से ढका होता है और प्राकृतिक दृश्य की तरह बहुत सुन्दर दिखाई देता है। सभी वस्तुओं पर पड़ी हुई बर्फ मोती की तरह दिखाई देती है। सूर्य के निकलने पर अलग-अलग रंग के फूल खिलते हैं और पूरे वातावरण को नया रुप देते हैं।

शरद ऋतु पर निबंध या सर्दी के मौसम पर निबंध 5 (300 शब्द)

सर्दियों का मौसम भारत में सबसे ठंडा मौसम होता है। सर्दियों के मौसम को ठंडी हवाओं के चलने, बर्फ के गिरने, बहुत कम वायुमण्डलीय तापमान, छोटे दिन, लम्बी रातें आदि विशेषताओं के द्वारा पहचाना जा सकता है। यह मौसम लगभग तीन महीने का होता है, जो दिसम्बर में शुरु होता है और मार्च में खत्म होता है। सर्दियों के चरमोत्कर्ष (दिसम्बर के आखिरी हफ्ते और जनवरी के शुरुआती सप्ताह) पर स्कूल में बच्चों को अधिक सर्दी से बचाने के लिए सर्दियों की छुट्टियाँ कर दी जाती है। व्यापार करने वाले और ऑफिस या कार्यालयों व कारखानों में काम करने वाले लोगों को बिगड़े हुए कार्यक्रम के कारण अपने काम को करने में परेशानी होती है। सुबह को सूर्य बहुत कम रोशनी और गर्मी के साथ देरी से उगता है और शाम को जल्दी छुपता है।

शरद ऋतु सभी के लिए बहुत ही कठिनाई वाली ऋतु है। यह विशेषरुप से, गरीब लोगों के लिए सबसे अधिक कठिनाईयाँ पैदा करती है, क्योंकि उनके पास पहनने के लिए गर्म कपड़े और रहने के लिए पर्याप्त आवास की कमी होती है। वे आमतौर पर, फुटपाथ या अन्य खुले हुए स्थानों, पार्कों आदि में सूरज की रोशनी में शरीर को गर्मी देने का प्रयास करते हैं। बहुत से बुजुर्ग लोग और छोटे बच्चे अधिक सर्दी के कारण अपना जीवन भी खो देते हैं।

शरद ऋतु स्वास्थ्यवर्धक फलों और हरी पत्तेदार सब्जियों का मौसम है, जैसे- अंगूर, संतरा, सेब, अमरुद, पपीता, गन्ने का जूस, अनानास, गाजर, आंवला, गोभी, चुकंदर, शलजम, मूली, टमाटर, आलू आदि। हम कह सकते हैं कि, सर्दियों का मौसम स्वास्थ्य बनाने का मौसम है। शरद ऋतु फसलों का मौसम है; जैसे- गेहूँ, बाजरा, मूँगफली, और अन्य कुछ फसलें आदि। बहुत प्रकार के मौसमी फूल (डेहलिया, गुलाब आदि) सुन्दर रंगों में खिलते हैं और प्रकृति की सुन्दरता को बढ़ाते हैं।

शरद ऋतु की मुख्य एजेंट सर्द हवाएं और कोहरा होता है, जो इस मौसम को और अधिक शुष्क और ठंडा बनाता है। कभी-कभी बिना मौसम की बरसात भी होती है, जो जीवन को और भी अधिक दर्दनाक बना देती है। सर्दियों की ठंडी बारिश फसलों, सब्जियों और फलों को नष्ट कर देती है। घना कोहरा सर्दियों में रात को घर बाहर जाना मुश्किल बना देता है।

सर्दियों का मौसम अपनी स्वंय की विशेषता भी रखता है। यह स्वास्थ्य बनाने, सुबह को टहलने, सांस लेने के लिए वातावरण में ताजी हवा, मच्छरों का कोई डर नहीं, किसानों की फसल आदि के लिए अच्छा होता है।


 

शरद ऋतु पर निबंध या सर्दी के मौसम पर निबंध 6 (400 शब्द)

परिचय

शरद ऋतु भारत में चार ऋतुओं में से एक है, जो दिसम्बर में शुरु होती है और मार्च के अन्त तक रहती है। कम तापमान वाली सूर्य की रोशनी के कारण सर्दियों के दिन बहुत ही अच्छे और सुहावने होते हैं। उत्तरी भारत के पहाड़ी इलाके तेज बर्फबारी के कारण बहुत ही सुन्दर दिखते हैं। दिसम्बर और जनवरी सबसे अधिक ठंड वाले मौसम होते हैं, जिनके दौरान अधिक ठंडा मौसम होने के कारण हम बहुत अधिक परेशानी महसूस करते हैं। यह लम्बी यात्रा और पर्यटन पर जाने के लिए सबसे अच्छा मौसम होता है। यह मौसम भारत में सबसे अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने के साथ ही आसमान के मनमोहक वातावरण में सुन्दर चिड़ियाओं को भी आमंत्रित करता है।

सर्दियों का मौसम गरीबों के लिए बहुत अधिक परेशानियों का निर्माण करता है, क्योंकि उनके पास गरम कपड़े और रहने के लिए पर्याप्त आवासों का अभाव होता है। बहुत अधिक सर्दी के कारण बहुत से पक्षी पलायन कर जाते हैं और पशु शीत निद्रा (हाइबरनेशन) में चले जाते हैं। इस मौसम के दौरान कोहरा और धुंध बहुत ही सामान्य होते हैं, जो सड़कों पर अधिक भीड़ और दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। हमें सर्दियों से बचने के लिए बहुत से गरम कपड़े पहनने चाहिए और अपने घरों में रहना चाहिए।

शरद ऋतु की अवधि

भारत में सर्दियों के मौसम के शुरु होने की अवधि क्षेत्रों और पृथ्वी के अपने अक्ष पर सूर्य के चारों ओर घूमने के अनुसार अलग-अलग है। हाल के मौसम विज्ञान के अनुसार, उत्तरी गोलार्द्ध में सर्दी का मौसम दिसम्बर में आता है और फरवरी के अन्त में या मार्च की शुरुआत में खत्म होता है। दक्षिण के लोगों के लिए, सर्दियों के महीने जून, जुलाई और अगस्त होते हैं।

शरद ऋतु की विशेषताएं

हम सर्दी के मौसम में अन्य मौसमों की तुलना में बहुत से बदलाव देखते हैं; जैसे- लम्बी रातें, छोटे दिन, ठंडा मौसम, ठंडी हवा, बर्फ का गिरना, सर्द तुफान, ठंडी बारिश, घना कोहरा, धुंध, बहुत कम तापमान आदि।

सर्दियों का आनंद लेने के लिए चीजें और वस्तुएं

मौसम के स्थितियों और रुचि के अनुसार, बहुत सी सर्दियों की गतिविधियों का आनंद ले सकते हैं; जैसे- आइस-स्केटिंग, आइस-बाइकिंग, आइस-हॉकी, स्कींग, स्नोबॉल फाइटिंग, स्नोमैन को बनाना, स्नो-कैसल (बर्फ का घर) आदि।

कुछ शीतकालीन तथ्य

सर्दियाँ भारत में सबसे महत्वपूर्ण मौसमों में से एक है, जो शरद संक्रांति पर शुरु होता है हालांकि, वसंत विषुवत पर खत्म होता है। सर्दियों में दिन छोटे होते हैं, रातें लम्बी होती हैं और अन्य मौसमों से कम तापमान रहता है। पृथ्वी के सूर्य से दूर झुके होने पर शरद ऋतु का आगमन होता है। यह स्वास्थ्य का निर्माण करने का मौसम है हालांकि, पेड़-पौधों के लिए बुरा होता है, क्योंकि वे बढ़ना छोड़ देते हैं। बहुत से जानवर असहनीय ठंडे मौसम के कारण शीतकालीन निद्रा में चले जाते हैं। इस मौसम के दौरान बर्फ गिरना और सर्द तुफानों का आना सामान्य बात है।


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